फसल के प्रकार में आए परिवर्तन और किसानों का सहयोगः एक भौगोलिक अध्ययन

Authors

  • अशोक कुमार शोधार्थी (भूगोल विभाग), टांटिया विश्वविद्यालय, श्रीगंगानगर
  • डॉ. अन्नु अरोड़ा सहायक आचार्य (भूगोल विभाग), टांटिया विश्वविद्यालय, श्रीगंगानगर

Keywords:

फसल प्रतिरूप परिवर्तन, किसान सहयोग, फसल विविधीकरण, कृषि भूगोल

Abstract

कृषि भूगोल में फसल प्रतिरूप (Crop Pattern) एक गत्यात्मक अवधारणा है जो समय एवं तकनीक के साथ परिवर्तनशील रहती है। पिछले दो दशकों में भारतीय कृषि में निर्वाह खेती से व्यावसायिक खेती की ओर महत्वपूर्ण बदलाव देखा गया है। इस परिवर्तन में किसानों के आपसी सहयोग, ज्ञान का आदान-प्रदान और सामुदायिक सहभागिता की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इस अध्ययन का उद्देश्य फसल प्रतिरूप में हो रहे परिवर्तनों का विश्लेषण करना तथा यह स्पष्ट करना है कि किसान सहयोग फसल विविधीकरण को कैसे प्रभावित करता है। अध्ययन में प्राथमिक सर्वेक्षण तथा द्वितीयक स्रोतों का उपयोग किया गया है। परिणाम यह दर्शाते हैं कि सामूहिक सहयोग, साझा सिंचाई सुविधाओं और किसान उत्पादक संगठनों (FPO) की सक्रियता से फसल विविधीकरण में स्पष्ट वृद्धि हुई है। अध्ययन निष्कर्ष देता है कि फसल प्रतिरूप में परिवर्तन केवल प्राकृतिक कारकों पर निर्भर नहीं है, बल्कि यह किसानों की सामूहिक इच्छाशक्ति और सामाजिक सहयोग का परिणाम है। 

References

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NITI Aayog (2023): Report on Farmers' Participation and Crop Diversification

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Published

2026-01-24

How to Cite

फसल के प्रकार में आए परिवर्तन और किसानों का सहयोगः एक भौगोलिक अध्ययन. (2026). International Journal of Global Innovations and Modern Research, 1(1), 16-19. https://ijgimr.com/index.php/journal/article/view/9

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