क्रांतिकारी आंदोलन में साहित्य का योगदानः राजस्थान के संदर्भ में एक ऐतिहासिक अध्ययन

Authors

  • विजेन्द्र कुमार शोधार्थी (इतिहास विभाग), टांटिया विश्वविद्यालय, श्रीगंगानगर
  • डॉ. मुकेश हर्ष सहायक आचार्य (इतिहास विभाग), टांटिया विश्वविद्यालय, श्रीगंगानगर

Keywords:

क्रांतिकारी आंदोलन, राजस्थान का साहित्य, स्वतंत्रता संग्राम, क्रांतिकारी साहित्यकार

Abstract

प्रस्तुत शोध पत्र राजस्थान के स्वतंत्रता संग्राम और क्रांतिकारी आंदोलनों में साहित्य की भूमिका का विश्लेषण करता है। राजस्थान की शौर्य गाथाएं और चारणी साहित्य सदैव प्रेरणा के स्रोत रहे हैं, परंतु ब्रिटिश दासता के विरुद्ध जनचेतना जाग्रत करने में आधुनिक राजस्थानी और हिंदी साहित्य ने ’वैचारिक ईंधन’ का कार्य किया। केसरी सिंह बारहट, विजय सिंह पथिक और जयनारायण व्यास जैसे क्रांतिकारी साहित्यकारों ने अपनी लेखनी से जनता में राष्ट्रवाद का संचार किया। यह शोध ऐतिहासिक दस्तावेजों और साहित्यिक कृतियों के माध्यम से यह सिद्ध करता है कि राजस्थान में क्रांति की ज्वाला को प्रज्वलित रखने में साहित्य एक अमोघ अस्त्र था। 

References

बारहट, केसरी सिंहः चेतावनी रा चूँगट्या एवं अन्य रचनाएं।

डॉ. रघुवीर सिंहः राजस्थान के इतिहास के स्रोत।

वर्मा, मानिक्य लालः पंछीड़ा और अन्य लोक गीत (संग्रह)।

राजस्थान राज्य अभिलेखागार, बीकानेरः क्रांतिकारी साहित्य से संबंधित दस्तावेज।

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Published

2026-01-22

How to Cite

क्रांतिकारी आंदोलन में साहित्य का योगदानः राजस्थान के संदर्भ में एक ऐतिहासिक अध्ययन. (2026). International Journal of Global Innovations and Modern Research, 1(1), 10-12. https://ijgimr.com/index.php/journal/article/view/8

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