फसल प्रकार एवं किसानों की सहभागिताः सिरसा जिले के संबंध में ’’एक भौगोलिक अध्ययन’’

Authors

  • अशोक कुमार शोधार्थी (भूगोल विभाग), टांटिया विश्वविद्यालय, श्रीगंगानगर
  • डॉ. अन्नु अरोड़ा सहायक आचार्य (भूगोल विभाग), टांटिया विश्वविद्यालय, श्रीगंगानगर

Keywords:

फसल प्रतिरूप, किसानों की सहभागिता, कृषि विविधीकरण

Abstract

प्रस्तुत शोध पत्र हरियाणा के सिरसा जिले में प्रचलित फसल प्रतिरूप (Crop Patterns) और उनमें किसानों की सक्रिय भागीदारी का विश्लेषण करता है। सिरसा जिला, जो राज्य का सबसे बड़ा कपास और गेहूं उत्पादक क्षेत्र है, अपनी कृषि विविधता के लिए प्रसिद्ध है। शोध का मुख्य उद्देश्य यह समझना है कि सिंचाई सुविधाओं, मिट्टी की प्रकृति और बाजार की मांग के अनुसार किसान अपनी फसलों का चयन कैसे करते हैं। साथ ही, कृषि नवाचारों और सरकारी योजनाओं में किसानों की सहभागिता के स्तर का भी मूल्यांकन किया गया है। निष्कर्ष बताते हैं कि तकनीकी सहभागिता बढ़ने से पारंपरिक खेती अब व्यावसायिक खेती की ओर अग्रसर है।

References

हरियाणा सरकारः सांख्यिकीय सारांश (2021-22), आर्थिक और सांख्यिकी विश्लेषण विभाग।

हुसैन, माजिदः कृषि भूगोल (संशोधित संस्करण), रावत पब्लिकेशन्स।

सिंह, जसबीरः हरियाणा का कृषि एटलस।

ICAR & CICR रिपोटर्रू उत्तर भारत में कपास उत्पादन की चुनौतियाँ (2022)।

स्थानीय समाचार पत्र और कृषि पत्रिकाएँः सिरसा कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) के प्रकाशन।

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Published

2026-01-22

How to Cite

फसल प्रकार एवं किसानों की सहभागिताः सिरसा जिले के संबंध में ’’एक भौगोलिक अध्ययन’’. (2026). International Journal of Global Innovations and Modern Research, 1(1), 1-3. https://ijgimr.com/index.php/journal/article/view/5

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